Monday, 18 September 2017

पुण्यतिथि, महान सिख पन्थ के चतुर्थ सिख गुरु पूज्यनीय रामदास जी

19 सितम्बर - पुण्यतिथि, महान सिख पन्थ के चतुर्थ सिख गुरु 
पूज्यनीय रामदास जी


भारत की सांस्कृतिक विरासत की सबसे बड़ी धरोहरों में से एक और भारत की बलिदानी फ़ौज के एक मजबूत धड़े सिख पन्थ के चतुर्थ गुरु पूज्यनीय श्री रामदास जी का निर्वाण दिवस है आज . न्याय , नीति और त्याग के मार्ग पर चलने वाले गुरु जी ने दुनिया को सदा ही सत्य और संस्कार के मार्ग दिखाए जिसके चलते दुनिया में धर्म स्थापना में मदद मिली .

वन्दनीय गुरु रामदास (जन्म- 24 सितम्बर, 1534 ई.) सिक्खों के चौथे गुरु थे। इन्होंने सिक्ख धर्म के सबसे प्रमुख पद गुरु को 1 सितम्बर, 1574 ई. में प्राप्त किया था। इस पद पर ये 1 सितम्बर, 1581 ई. तक बने रहे थे। ये सिक्खों के तीसरे गुरु अमरदास के दामाद थे। इन्होंने 1577 ई. में 'अमृत सरोवर' नामक एक नये नगर की स्थापना की थी, जो आगे चलकर अमृतसर के नाम से प्रसिद्ध हुआ।