Wednesday, 10 January 2018

मकर संक्रांति के दिन भूलकर भी ना करें ये 10 काम!

मकर संक्रांति के दिन अपनी वाणी पर संयम रखें और गुस्सा ना करें. किसी को बुरे बोल ना बोले सबके साथ मधुरता का व्यवहार करें.
 सूर्य का किसी राशि विशेष पर भ्रमण करना संक्रांति कहलाता है. सूर्य जब मकर राशि में जाता है तब मकर संक्रांति होती है.  इस समय सूर्य उत्तरायण होता है अतः इस समय किये गए जप और दान का फल अनंत गुना होता है. इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी. सूर्य और शनि का सम्बन्ध इस पर्व से होने के कारण यह काफी महत्वपूर्ण है. कहते हैं इसी त्यौहार पर सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने के लिए आते हैं. आम तौर पर शुक्र का उदय भी लगभग इसी समय होता है इसलिए यहाँ से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. मकर संक्रांति में जहां कुछ कामों को करना शुभ माना गया है तो वहीं कुछ कार्यों को वर्जित किया गया है. आइए जानते हैं इस दिन भूलकर भी कौन से काम नहीं करने चाहिए...

 कुछ लोग सुबह उठते ही चाय और स्नैक्स खाना शुरू कर देते हैं लेकिन शुभ दिन ऐसा ना करें. इस दिन बिना स्नान किए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन गंगा या किसी नदी में जाकर स्नान करना चाहिए इसलिए गंगा या पवित्र नदी ना सही लेकिन कम से कम घर पर स्नान जरूर करना चाहिए.
 महिलाओं को मकर संक्रांति के दिन बाल नहीं धुलना चाहिए. पुण्यकाल में दांत भी नहीं मांजने चाहिए.

 इस दिन घर के अंदर या बाहर किसी पेड़ की कटाई-छंटाई भी नहीं करनी चाहिए. 
 मकर संक्रांति के दिन आप किसी भी तरह का नशा नहीं करें. शराब, सिगरेट, गुटका आदि जैसे सेवन से आपको बचना चाहिए. इस दिन मसालेदार भोजन का सेवन नही करना चाहिए. इस दिन तिल, मूंग दाल की खिचड़ी इत्यादि का सेवन करना चाहिए और इन सब चीजों का यथाशक्ति दान करना चाहिए.
 अगर सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो संध्या काल में अन्न का सेवन न करें. 
 मकर संक्रांति के दिन गाय या भैंस का दूध नहीं दुहना चाहिए
 मकर संक्रांति के दिन अगर कोई भी आपके घर पर भिखारी, साधु या बुजुर्ग आए तो उसे खाली हाथ ना लौटा दें. जो अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुछ ना कुछ दान अवश्य करें.

इस दिन भूलकर भी लहसुन, प्याज और मांस का सेवन नहीं करना चाहिए.


यह प्रकृति का त्योहार है और हरियाली का उत्सव. अत: इस दिन फसल काटने के काम को टाल देना चाहिए.


मकर संक्रांति के दिन अपनी वाणी पर संयम रखें और गुस्सा ना करें. किसी को बुरे बोल ना बोले सबके साथ मधुरता का व्यवहार करें.