Wednesday, 31 January 2018

छत्तीसगढ़ के 200 से ज्यादा इंजीनियरों को ऐसी सजा मिली है कि अब उन्हें हर जगह साफ सफाई दिखाई देने लगी है

डाउनलोड नहीं कराया स्वच्छता एप, 200 इंजीनियरों की कट गई सैलरी



छत्तीसगढ़ के 200 से ज्यादा इंजीनियरों को ऐसी सजा मिली है कि अब उन्हें हर जगह साफ सफाई दिखाई देने लगी है. इन सभी इंजीनियरों का एक माह का वेतन काट कर सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा. ये सभी इंजीनियर नगर निगमों और नगर पालिकाओं में पदस्थ है.
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को सक्रिय बनाने के लिए प्रभारी इंजीनियरों को राज्य सरकार ने निर्देशित किया था कि वे अपने इलाके की जनता को मोबाइल पर स्वच्छता एप डाउनलोड करवाएं, ताकि स्वच्छता सर्वे 2018 के लिए उनके इलाके के निगम मण्डलों को बेहतर रैंकिंग मिले. लेकिन इंजीनियरों ने इस सरकारी निर्देश को कचरे के डिब्बे में डाल दिया.
इंजीनियरों ने न तो खुद के मोबाइल पर यह एप डाउनलोड किया और न ही जनता को इसके लिए प्रेरित किया. नतीजतन कई इलाके बुरी तरह से पिछड़ गए. ऐसे इलाकों को चिन्हित कर राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग ने इंजीनयरों को आड़े हाथों लिया है. उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, साथ ही एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं. वेतन कांटने के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन विभाग में खलबली मची हुई है.
यह पहला मौका है जब सोशल मीडिया और तकनीकी एप जैसे मामलों को लेकर इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. आमतौर पर इंजीनियरों के खिलाफ निर्माण कार्यों, नक्शा और दूसरे प्रशासनिक कार्यों को लेकर कार्रवाई होती आई है.
नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक निरंजन दास के मुताबिक प्रदेश के सभी नगरीय निकाय के इंजीनयरों को स्वच्छता एप डाउनलोड कराने के लिए लक्ष्य दिया गया था. शहरी और ग्रामीण इलाकों दोनों के लिए मोबाइल धारको की संख्या निर्धारित की गई थी. लेकिन कई इंजीनियरों ने इस काम में कोई रूचि नहीं दिखाई और इसी के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.  

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