Friday, 12 January 2018

2018 मकर संक्रांति पर बना दुर्लभ संयोग 14 और 15 जनवरी को पुण्यकाल

2018 मकर संक्रांति पर बना दुर्लभ संयोग 14 और 15 जनवरी को पुण्यकाल

 मकर संक्रांति का त्योहार हर साल सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के अवसर पर मनाया जाता है। बीते कुछ वर्षों से मकर संक्रांति की तिथि और पुण्यकाल को लेकर उलझन की स्थिति बनने लगी है। इस साल भी कुछ ज्योतिषी कह रहे हैं कि मकर संक्रांति 14 की नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाई जाएगी। आइए देखें कि यह उलझन की स्थिति क्यों बनी हैं और मकर संक्रांति का पुण्यकाल और तिथि मुहूर्त क्या है। दरअसल इस उलझन के पीछे खगोलीय गणना है। गणना के अनुसार हर साल सूर्य के धनु से मकर राशि में आने का समय करीब 20 मिनट बढ़ जाता है। इसलिए करीब 72 साल के बाद एक दिन के अंतर पर सूर्य मकर राशि में आता है। ऐसा उल्लेख मिलता है कि मुगल कल में अकबर के शासन काल के दौरान मकर संक्रांति 10 जनवरी को मनाई जाती थी। अब सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का समय 14 और 15 के बीच में होने लगा क्योंकि यह संक्रमण काल है।

 साल 2012 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 15 जनवरी को हुआ था इसलिए मकर संक्रांति इस दिन मनाई गई थी। आने वाले कुछ वर्षों में मकर संक्रांति हर साल 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी ऐसी गणना कहती है। इतना ही नहीं करीब 5000 साल बाद मकर संक्रांति फरवरी के अंतिम सप्ताह में मनाई जाने लगेगी।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस साल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपर दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर होगा। देवी पुराण के अनुसार संक्रांति से 15 घटी पहले और बाद तक का समय पुण्यकाल होता है। संक्रांति 14 तारीख की दोपहर में होने की वजह से साल 2018 में मकर संक्रांति का त्योहर 14 जनवरी को मनाया जाएगा और इसका पुण्यकाल सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक होगा जो बहुत ही शुभ संयोग है क्योंकि इस साल पुण्यकाल का लाभ पूरे दिन लिया जा सकता है।

लेकिन 15 जनवरी को उदया तिथि के कारण भी मकर संक्रांति कई जगह मनाई जाएगी। इस दिन मकर राशि में सूूर्योदय होने के कारण करीब ढ़ाई घंटे तक संक्रांति के पुण्यकाल का दान पुण्य करना भी शुभ रहेगा। इसलिए इस साल मेघ मेले में मकर संक्रांति का स्नान दोनों दिन यानी 14 और 15 जनवरी को होगा। 

राशि के अनुसार मकर संक्रांति पर करें दान, बन रहे हैं शुभ संयोग

 इस साल मकर संक्रांति के साथ कई शुभ संयोग बने हैं। सबसे पहले तो रविवार के दिन मकर संक्रांति का होना ही अच्छा संयोग है क्योंकि रविवार के स्वामी ग्रह सूर्यदेव हैं। अपने दिन में ही सूर्य उत्तरायण हो रहे हैं। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना है जिसे सभी सिद्धियों को पूर्ण करने में सक्षम माना गया है। तीसरा इस दिन प्रदोष व्रत भी है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इसदिन ध्रुव योग भी बना हुआ है। ऐसे में इस मकर संक्रांति पर किया गया दान-पुण्य और पूजन का अन्य दिनों की अपेक्षा हजारों गुणा पुण्य प्राप्त होगा और ग्रह दोषों के प्रभाव से भी आप राहत महसूस कर सकते हैं। इस मौके पर राशि के अनुसार कुछ वस्तुओं का दान आपके लिए विशेष लाभदायी रहेगा.

 इस साल मकर संक्रांति मेष राशि   के लोग तिल के साथ-साथ मच्छरदानी का भी दान करें। ऐसा करने से शीघ्र ही उनकी मनोकामना पूरी हो सकती है।

 ज्योतिष के अनुसार, वृषभ राशि का स्वामी शुक्र है इसलिए मकर संक्रांति के दिन ऊनी वस्त्र और तिल का दान करना आपके लिए शुभ रहेगा।

 मिथुन राशि का स्वामी बुध है। इस राशि के लोग भी तिल और मच्छरदानी का दान करें तो बहुत लाभ होगा।

 मकर संक्रांति के दिन कर्क राशि के लोग तिल, साबूदाना और ऊन का दान करना शुभ फल प्रदान करने वाला रहेगा।

 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सिंह राशि वालों को अपनी क्षमता के अनुसार तिल और कंबल का दान करना बेहतर होगा।

 कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। मकर संक्रांति के दिन इस राशि के लोग कंबल के अलावा तेल और उड़द दाल का दान जरूर करें।

 मकर संक्रांति के दिन, तुला राशि के लोग तेल, रुई, वस्त्र, तिल और राई का दान करें। इससे आपकी हर मनोकामनाएं पूरी होगी।

 मकर संक्रांति के दिन वृश्चिक राशि के लोग गरीबों को चावल और दाल की कच्ची खिचड़ी और अपनी क्षमता अनुसार कंबल दान करना चाहिए।

 धनु राशि का स्वामी गुरु है। इस राशि के लोग मकर संक्रांति के दिन तिल व चने की दाल का दान करें।

 मकर राशि के लोग मकर संक्रांति के दिन तेल, तिल, कंबल और पुस्तक, गरीबों को खाना, चावल का दान करें तो इनकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है।

 ज्योतिष के अनुसार, कुंभ राशि वालों के लिए तिल, साबुन, वस्त्र और अन्न का दान करना बेहतर होगा। इससे आपकी हर मनोकामना पूरी होगी।

 मकर संक्रांति के दिन, मीन राशि वाले तिल, चना, साबूदाना और कंबल का दान करें। इससे आपकी हर समस्या का समाधान हो जाएगा।