Tuesday, 9 January 2018

तिलक लगाने में भूलकर भी ना करें इस अंगुली का प्रयोग


तिलक लगाने में भूलकर भी ना करें इस अंगुली का प्रयोग

तिलक का प्रयोग

पूजा में तिलक का प्रयोग खास महत्व रखता है। पूजा की पवित्रता के अलावा यह सिद्द्धिदायक तथा भगवान के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। यह व्यक्ति के आज्ञा चक्र को सक्रिय करता है जो उसमें एकाग्रता बढ़ाकर पूजा के लिए पूरी तरह तौयार भी करता है। माथे के अलावे शरीर पर 13 अन्य बिंदु भी हैं जहां तिलक लगाना स्वास्थ्य तथा समृद्द्धिदायक माना गया है।
तिलक का प्रयोग

तिलक का प्रयोग

मान्यताओं के अनुसार शिव भक्तों के लिए राख का तिलक तथा विष्णु भक्तों के लिए चंदन का तिलक लगाना शुभ माना गया है। इसके अलावा तिलक लगाने में प्रयोग की जाने वाली अंगुलियों का भी खास महत्व है।

तिलक लगाने में अंगुलियों का महत्त्व

शास्त्रों में रिंग फिंगर या कहें अनामिका अंगुली से तिलक लगाना हर प्रकार से शुभ फल देने वाला कहा गया है। इसके अलावा शायद आपको पता ना हो, लेकिन हाथ ही सभी अंगुलियों का तिलक लगाने में प्रयोग करने के अलग-अलग महत्व हैं। आगे हम आपको इसकी जानकारी दे रहे हैं।

मध्यमा अंगुली

यह शनि से जुड़ी हुई अंगुली मानी जाती है। इसलिए तिलक लगाने में इसका प्रयोग किया जाना व्यक्ति को सौभाग्यशाली बनाता है। शनि को स्वास्थ्य और समृद्धि से जुड़ा ग्रह भी माना गया है, इसलिए इस अंगुली से तिलक लगाना व्यक्ति को स्वस्थ बनाता है तथा आर्थिक रूप से संपन्न भी।

अनामिका अंगुली

इससे तिलक लगाना मानसिक शक्ति तथा शांति प्रदान करता है। यह सूर्य से जुड़ी अंगुली है और इससे तिलक लगाना व्यक्ति का आज्ञा चक्र जाग्रत कर उसका तेज बढ़ाता है जो उसे सम्मान और प्रसिद्धि देता है। आज्ञा चक्र को जाग्रत करने के कारण ही पूजा में तिलक लगाने के लिए विशेष रूप से इसी अंगुली का प्रयोग करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे भक्त का जुड़ाव बनता है।

अंगूठा

शुक्र से जुड़ा होने के कारण इस अंगुली से तिलक लगाना व्यक्ति को सभी प्रकार की भौतिक सुविधाएं दिलाता है। यह व्यक्ति को अच्छा स्वास्थ्य भी देता है क्योंकि एक असवस्थ व्यक्ति किसी भी प्रकार की लग्जरी लाफ को एंजॉय नहीं कर सकता।

अंगूठा

मान्यता है कि अगर किसी बीमार व्यक्ति को नियमित रूप से अंगूठे का प्रयोग करते हुए चंदन का तिलक लगाया जाए तो कुछ ही दिनों में वह स्वस्थ हो जाता है।
तर्जनी अंगुली 

इस अंगुली से तिलक लगाना मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। सुनने में यह अध्यात्मिक और सकारात्मक लग सकता है लेकिन जीवन-मरण के नियमों से जुड़े रहते हुए तिलक लगाने में इस अंगुली के प्रयोग का महत्व जानना आपके लिए विशेष आवश्यक है।


मोक्ष हर हाल में व्यक्ति को जीवन-मोह से मुक्त करता है जो मृत्यु के पश्चात् ही संभव है और इसलिए मृत्यु का परिचायक है। यही कारण है कि इस अंगुली से तिलक लगाए जाने से मना किया जाता है।

तर्जनी अंगुली

यह आपको असमय मृत्यु की ओर धकेलता है। केवल मृतकों को ही आखिरी विदाई में तर्जनी अंगुली से तिलक लगाया जाता है जिसका प्रयोजन होता है कि उसकी आत्मा सभी संसारिक मोह से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त कर सके।