Friday, 19 January 2018

हिन्दू परिवार संघठन संस्था की मुहिम का हिस्सा और बचा लीजिये भारत की शस्यश्यामला भूमि को जिसके लिए हजारों सालों से हमारे पूर्वज लगातार बलिदान देते आये हैं

1 जनवरी को भारत में जन्म लिया लगभग 70 हजार बच्चों ने. चीन में सिर्फ 44 हजार और पाकिस्तान में मात्र 14 हजार- यूनिसेफ
 ये आंकड़े हमारे या किसी स्थानीय एजेंसी के नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के हैं जो भारत में बढ़ रही उस भयावह स्थिति के सबसे ताजे उदाहरण के रूप में लिया जा सकता है . हमने जिस भारत बचाओ यात्रा कर के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून की मांग की है उसके लिए कल के ही ये आंकड़े जान और समझ लेना बेहद जरूरी
है . साथ ही हम दो हमारे दो तो सबके दो की हमारी मुहीम को एक प्रकार से प्रमाणित भी कर डाला है . ज्ञात हो कि यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के अनुसार नए साल अर्थात १ जनवरी के के दिन इस संसार में लगभग 3,86,000 बच्चे पैदा हुए हैं जिसमे से सबसे ज्यादा तेज जन्मदर भारत में देखने को मिली जो लगभग 69,070
के आस पास रही . यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर आधे से ज्यादा बच्चों का जन्म दर के हिसाब से शीर्ष नौ देश रहे जो निम्नलिखत हैं .

भारत (69,070), चीन (44,760), नाइजीरिया (20,210), पाकिस्तान (14,910), इंडोनेशिया (13,370), अमेरिका (11,280), कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (9,400), इथियोपिया (9,020) बांग्लादेश (8,370)

यूनिसेफ के इस आंकड़े पर अगर गौर किया जाए तो चीन + पाकिस्तान + बांग्लादेश = अकेले भारत ( लगभग ) आ रहा है .. ये वो आंकडा है जो हर व्यक्ति को आने वाले जनसंख्या विस्फोट को समझने के लिए बेहद जरूरी है . यदि इसको जल्द से जल्द काबू न किया गया तो हालत बेहद ही गम्भीर होंगे ...
बनिए हिन्दू परिवार संघठन संस्था  की मुहिम का हिस्सा और बचा लीजिये भारत की शस्यश्यामला भूमि को जिसके लिए हजारों सालों से हमारे पूर्वज लगातार बलिदान देते आये हैं . साथ ही चिंता कीजिए अपनी आने वाली पीढ़ी की जिसको इस माहौल में एक एक अन्न के दाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है .