Wednesday, 24 January 2018

महाभारत गवाह है कि द्रौपदी के चीर पर हाथ डालने वाले का सम्पूर्ण कुल नाश हो गया था ..रामायण भी बताती है कि माँ सीता का हरण करने वाले रावण की लंका धू धूं कर जल गई थी

नारी के सम्मान के लिए तो लंका तक जला कर राख दी गयी थी, ख़िलजी भक्त भंसाली वीर हनुमान जी को भी याद करें - सुरेश चव्हाणके
उन्होंने कहा है कि वो भारत को इतिहास बताएंगे, AC से बाहर न निकलने वाले अब जौहर के आग की तपिश को नापेंगे..किस नियम, किस आधार पर इसे शायद वो न बता सकें लेकिन वो निकल पड़े हैं उन तमाम तथाकथित झोलाछाप इतिहासकारों की किताबें पढ़ कर जिन्होंने भगवान श्रीराम तक के अस्तित्व पर सवाल उठा दिए थे .. भंसाली भारत का इतिहास ठीक से पढ़े होते तो नारियो के सम्मान के लिए भारत की गौरवगाथा में कई ऐसे उदाहरण मिले होते की उनकी हिम्मत भी नही होती भारत की जौहर रचाने वाली रानी पद्मिनी के ऊपर साजिश रचने की ..

महाभारत गवाह है कि द्रौपदी के चीर पर हाथ डालने वाले का सम्पूर्ण कुल नाश हो गया था ..रामायण भी बताती है कि माँ सीता का हरण करने वाले रावण की लंका धू धूं कर जल गई थी ..उन्हें ये भी पता होना चाहिए कि माता पार्वती के अग्नि प्रवेश के बाद महादेव ने दक्ष को शीश विहीन कर डाला था ... भंसाली अलाउद्दीन की भक्ति त्याग कर यदि इन प्रमाणों पर विचार करेंगे तो उन्हें या तो अपने किये का डर होगा या अपने कुकर्मों पर पश्चाताप .. इतना तो तय है कि धर्म पर अधर्म को अब कभी हावी नहीं होने दिया जाएगा क्योंकि अब सब जागरूक हो चुके हैं ..