Tuesday, 30 January 2018

खामोश है और हिन्दू दलों के छोटे छोटे बयानों को भी ब्रेकिंग बनाने वाले तमाम अन्य भी निष्क्रिय अवस्था में दिख रहे हैं .

17 करोड़ हो गये हैं हम, अब नया देश लेने का समय आ गया है. इतने ही थे जब पाकिस्तान लिया था - नासिर मुफ़्ती

जहाँ एकतरफ बरेली के जिलाधिकारी जैसे तमाम तथाकथित धर्मनिरपेक्ष लोग मुस्लिमों को अपना डीएनए एक बता कर हिंसा और नफरत के लिए हिन्दुओं को और हिन्दू संगठनों को ही दोषी बना और ठहरा रहे हैं वहीँ दूसरी तरह कश्मीर के नासिर मुफ़्ती जैसे जेहादी और घोर राष्ट्रद्रोही लोग उन तमाम लोगों की सभी चिकनी चुपड़ी बातों पर  पानी फेर रहे हैं और धर्मनिरपेक्षता के सभी सिद्धांतो को ध्वस्त करते जा रहे हैं . ज्ञात हो कि कश्मीर का एक बड़ा मज़हबी नाम जो राष्ट्र के खिलाफ , सेना के खिलाफ और राष्ट्र की सरकार के खिलाफ न सिर्फ जहर उगलने के लिए बदनाम था अपितु दुर्दांत आतंकियों की खुली पैरवी के लिए भी जाना जाता था,जिसका नाम नासिर मुफ़  अब उसी नसिर मुफ़्ती ने दिल्ली में बैठे अपने संरक्षकों के दम पर दे डाला है अब तक का सबसे बड़ा और बेहद ही घोर राष्ट्र विरोधी बयान..नासिर मुफ़्ती ने साफ साफ़ कहा है कि अब हम अर्थात मुसलमानों की आबादी 17 करोड़ के पार हो चुकी है और ये समय है एक नया देश मांगने की . नासिर मुफ़्ती ने इतिहास में की गयी गद्दारी को याद दिलाते हुए बताया कि जब मुसलमानों ने भारत को बंटवा कर पाकिस्तान बनवाया था तब भी आबादी 17 करोड़ थी इसलिए मुस्लिम आबादी के लिए   बेहतर समय है कि वो अपने लिए एक नया देश ले लें .... नासिर मुफ़्ती के इस बयान के बाद उन तमाम तथाकथित नकली धर्मनिरपेक्ष समाज को सच का आईना देखने को मिला है जिन्होंने भारत के बंटवारे का बेहद आधारहीन आरोप हिन्दूवादी सोच पर अब तक थोपने का कुत्सित प्रयास किया था . नासिर मुफ़्ती के इस बयान के बाद एक बार फिर  से धर्मनिरपेक्ष धडा पूरी तरह से खामोश है और हिन्दू दलों के छोटे छोटे बयानों को भी ब्रेकिंग बनाने वाले तमाम अन्य भी निष्क्रिय अवस्था में दिख रहे हैं .