Thursday, 4 January 2018

रत्न धारण करने से पहले बरतें कुछ सावधानियां



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जातक की जन्म कुंडली
किसी भी जातक की जन्म कुंडली उसके जीवन का आईना होती है। वह कैसा जीवन व्यतीत करेगा, उसके जीवन में कब और कौन-कौन से दुख या सुख आएंगे, यह सब उसकी कुंडली को देखकर जाना जा सकता है।

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ग्रहों की स्थिति
कुंडली के भावों और ग्रहों की स्थिति यह स्पष्ट बताती है कि व्यक्ति के जीवन में कितनी परेशानियां या कितनी समस्याएं आ सकती हैं। अगर ग्रह उत्तम स्थिति में है तो ऐसा व्यक्ति वाकई सौभाग्यशाली होता है लेकिन अगर ग्रहों की बैठकी की वजह से जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगे तो हालात बहुत हद तक नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं।

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विभिन्न शाखाएं
जहां कुंडली को देखकर आने वाली समस्याओं के बारे में जाना जा सकता है वहीं यह कुंडली स्वयं उन परेशानियों से बचने का माध्यम भी है। ज्योतिष विज्ञान के अंतर्गत विभिन्न 
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ग्रहों का दुष्प्रभाव
आप मंत्रों या तंत्रों का सहारा लेकर ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम कर सकते हैं, लेकिन माना जाता है उपयुक्त रत्न धारण करने से प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे ग्रहों के प्रभाव को करीब 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

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रत्न ज्योतिष
रत्नों के द्वारा ग्रहीय बाधा को हल करने का तरीका जिसे सामान्य भाषा में रत्न ज्योतिष कहा जाता है, अपने आप में बेहद कारगर और प्रमाणित विद्या है।

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रत्न
विशेषज्ञों का कहना है कि रत्न धारण कर आप अपनी कुंडली के अशुभ ग्रहों के प्रभाव को कम कर सकते हैं बशर्ते वह रत्न आपने पूरे विधि-विधान और समझबूझ कर पहना हो।

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विधि युक्त क्रिया
सबसे पहले तो हम आपको ये बता दें कि रत्नों को धारण करने की एक विधि युक्त क्रिया होती है। दिन, दिशा, मुहुर्त आदि सबकी भूमिका इसमें शामिल है। इसके अलावा रत्न धारण करने से पहले उस रत्न को मंत्रों द्वारा सक्रिय भी किया जाता है।
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ज्योतिष विद्या
बाजार में विभिन्न प्रकार के रत्न उपलब्ध है, जिनमें से असली और नकली की परख केवल विशेषज्ञों द्वारा ही संभव है। कोई सामान्य व्यक्ति भ्रमित होकर गलत रत्न धारण कर लेता है और फिर जब परिणाम सही ना मिलें तो रत्न या फिर ज्योतिष विद्या पर ही संदेह करने लगता है।


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सावधानियां
रत्न खरीदते समय बहुत सी सावधानियां बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं किस-किस तरह आपको सचेत रहने की जरूरत है।

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विशेषज्ञ की सलाह
अगर आपको रत्नों की समझ नहीं है तो बेहतर है आप किसी विशेषज्ञ की सलाह लें या फिर अपने किसी परिचित की दुकान से ही रत्न खरीदें।
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प्रमाणित और विश्वस्नीय
जिस दुकान या व्यक्ति से आप रत्न खरीद रहे हैं, इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि वह प्रमाणित और विश्वस्नीय विक्रेता हो।

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कीमत का आंकलन
जब आप बाजार में रत्न की कीमत का आंकलन कर लेंगे तब आपको यह अनुमान भी हो जाएगा कि रत्न असली है या नकली।

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पुखराज या नीलम
अमूमन सस्ते रत्नों की नकल बाजार में कम मिलती है लेकिन महंगे रत्न जैसे कि पुखराज या नीलम की नकल बहुतायत में उपलब्ध है। ऐसे में आपको बिना किसी जानकार की सहायता के रत्न खरीदने में मुश्किल आ सकती है।

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टूटा हुआ या दाग-धब्बे
टूटा हुआ या दाग-धब्बे से लैस रत्न कभी धारण नहीं करना चाहिए। इसका या तो न्यूनतम या फिर प्रतिकूल प्रभाव आपके जीवन पर पड़ता है। कभी कभार आप किसी भी तरह के परिणाम का इंतजार करते हुए ही रह जाते है।
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ग्रह
अगर आप कुंडली में मौजूद ग्रहों को रत्नों की सहायता से बढ़ाना या घटाना चाहते हैं तो आपको उपरोक्त बिन्दुओं पर अवश्य ध्यान देना होगा अन्यथा परिणाम मनोनुकूल नहीं होंगे।