Friday, 19 January 2018

शिवजी को प्रसन्न करने के लिए मंत्र


शिव पूजा के बाद करें इस एक मंत्र का जाप, होगा सभी समस्याओं का अंत




शिवजी की कृपा

शिव भक्तों में यह मत प्रचलित है कि भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामना बहुत जल्द सुन लेते हैं। इसलिए तो भक्त उन्हें भोले भंडारी कहकर बुलाते हैं। भक्त की मनोकामना कैसी भी हो, अगर वह सच्चे मन से भगवान शिव को प्रसन्न करने में लगा है, तो भोले शंकर उसकी इच्छा अवश्य पूर्ण करते हैं।

शिव मंत्र

शिव के मंत्रों का सही उच्चारण, पूजा में सही सामग्री अर्पित करना, विधिवत पूजा को सम्पन्न करना, कोई भूल चूक ना करने वाला भक्त शिवजी का प्रिय होता है। लेकिन सबसे उत्तम बात जो शिवजी अपने भक्त के बारे में पसंद करते हैं वह है भक्त का उनके प्रति प्रेम।

शिव मंंत्रों का लाभ

मन से केवल शिवजी को याद करने वाला भक्त वह सब कुछ पा जाता है जिसकी वह कामना करता है। इतिहास इस बात का गवाह है कि शिवजी के भक्तों ने बड़े-बड़े चमत्कारों को करके दिखाया है। शिव कृपा अपार है, इसलिए शिव भक्त भगवान शिव का नाम लेते नहीं थकते।

शिवजी को प्रसन्न करने के लिए मंत्र

तो आज हम आपको शिवजी को प्रसन्न करने का एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं, जिसे यदि आप कर लें तो शिवजी आपकी हर इच्छा को पूर्ण करेंगे। साथ ही आपके ऊपर जो बुरा वक्त चल रहा है, उस हर संकट का नाश करेंगे शिवजी।


ग्रहदोष से मुक्त कराए

उपाय के अनुसार आपको एक शिव मंत्र की स्तुति करनी है। माना जाता है कि यह शिव मंत्र स्तुति, शिव पूजा व आरती के बाद बोलने से लाभ होता है। इसके प्रभाव से बुरे वक्त, ग्रहदोष या बुरे सपने जैसी कई परेशानियां दूर होती हैं। आगे की स्लाइड में पाएं शिव स्तुति मंत्र.....




शिव स्तुति मंत्र

दु:स्वप्नदु:शकुनदुर्गतिदौर्

मनस्य,दुर्भिक्षदु‌र्व्यसन दुस्सहदुर्यशांसि।उत्पाततापविषभीतिमसद्ग्रहार्ति,व्याधीश्चनाशयतुमे जगतातमीश:॥


मंत्र का अर्थ

इस शिव स्तुति का सरल शब्दों में मतलब है कि संपूर्ण जगत के स्वामी भगवान शिव मेरे सभी बुरे सपनों, अपशकुन, दुर्गति, मन की बुरी भावनाएं, भूखमरी, बुरी लत, भय, चिंता और संताप, अशांति और उत्पात, ग्रह दोष और सारी बीमारियों से रक्षा करें।