Wednesday, 17 January 2018

योगी सरकार ने राज्य में एक बार फिर हिंदुस्तान की पहचान को उजागर करने के लिए हिन्दू परिवार संघठन संस्था की और से धन्यवाद

भगवामय होने की राह पर उत्तर प्रदेश... इलाहाबाद के साइनबोर्ड पर अब नाम है "प्रयागराज"
 उत्तरप्रदेश में राम राज्य का कार्य जोरों पर है. राज्य में राम भक्तों की गूँज बढ़ते जा रही है. एक बार फिर यूपी में पुरानी पहचान और संस्कृति उजागर हो रही है. बता दें कि मुस्लिम मुग़ल आक्रमणकारियों ने अपने शासनकाल में हिंदुस्तान के कई शहरों का नाम बदलकर उनकी पहचान मिटा दी. आज भी देश में कई स्थान ऐसे है जो अब भी उन्ही के नाम से जाने जाते है. लेकिन यूपी की योगी सरकार ने राज्य में एक बार फिर हिंदुस्तान की पहचान को उजागर करने का काम शुरू कर दिया है. कहा जाता है कि मुग़ल आक्रमणकारि अकबर ने प्रयागराज का नाम बदलकर इलाहाबाद किया था. वेद, रामायण तथा महाभारत जैसे महाकाव्यों और पुराणों में इस स्थान को 'प्रयाग' कहे जाने के साक्ष्य आज भी मौजूद है. प्रत्येक वर्ष इलाहबाद के संगम किनारे माघ मेंले का आयोजन किया जाता है. लेकिन इस बार मेले में आकर्षण का केन्द्र सरकारी साइन बोर्डों पर इलाहबाद की जगह प्रयागराज नाम रहेगा।

आपको बता दें कि माघ मेला हिन्दुओं का सर्वाधिक प्रिय धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेला है. जो कि हर साल जनवरी में वर्ष मकर संक्रांति को आरंभ होकर फरवरी में महा शिवरात्रि को समाप्त होता है. प्रयाग का माघ मेला विश्व का सबसे बड़ा मेला है। हिन्दु पुराणों में, हिन्दु धर्म के अनुसार सृष्टि के सृजनकर्ता भगवान
ब्रह्मा द्वारा इसे 'तीर्थ राज' अथवा तीर्थस्थलों का राजा कहा गया है, जिन्होंने तीन पवित्र नदियों गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर 'प्राकृष्ठ यज्ञ' संपन्न किया था।