Tuesday, 9 January 2018

कौन रोक सकता है हमें आतंकियों के जनाजे में जाने से ? ये जहरीला बयान है

कौन रोक सकता है हमें आतंकियों के जनाजे में जाने से ? ये जहरीला बयान है शासन कर रही एक पार्टी के नेता का पीडीपी नेता रफी अहमद मीर
 जिन आतंकवादियो से आज पूरी दुनिया परेशान है उन्ही आतंकियों की मौत पर पीडीपी के एक नेता शोक प्रकट करने की बात कह रहे है। उन्हें देश के जवानों से ज्यादा चिंता उन आतंकियों की है जिन्होंने कश्मीर को जेह्हनुम बना दिया। नेता जी अपनी बातों में इतने खो गए की उन्हें देश के जवानों
और आतंकियों में कोई फर्क ही नजर नहीं आया। शायद वो भूल गए की देश के जवान उनकी जिंदगी बचाते है और आतंकी उनकी जान लेने के लिए मौका तलाशते है। 
शनिवार को जम्मू कश्मीर में सत्तारूढ़ पीडीपी के एक नेता ने यह कहकर आतंकियों का होशला बड़ा दिया कि कश्मीर में स्थानीय आतंकवादियों की हत्या पर शोक प्रकट करने पर 'कोई रोक नहीं' है। नेता ने खुलेआम उन आतंकियों के प्रति सहानुभूति दिखाकर आतंकियों की हिम्मत को चार गुना बड़ा दिया है। जहाँ एक ओर सेना कश्मीर के
युवाओं को आतंक के दलदल से बचा रही है वहीँ इस प्रकार की बयानबाजी युवाओं को आतंक की राह दिखा रही है
पीडीपी के प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा,कि ''चाहे सीआरपीएफ का जवान हो....या स्थानीय आतंकवादी, शोक प्रकट करने पर कोई रोक नहीं है। आगे कहा कि , यह सुरक्षा पर निर्भर करता है, कई बार हम शोक करने जा सकते हैं और कई बार नहीं.'' उन्होंने कहा कि
सरकार में आने से पहले भी पार्टी की सुरक्षाबलों द्वारा मारे गये स्थानीय आतंकवादियों के परिजनों से मिलने का नियम था। राज्य में भाजपा के साथ गठबंधन वाली पीडीपी की सरकार चल रही है। बता दें की पीडीपी पर अलगाववादियों के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगता रहा है।