Sunday, 21 January 2018

बसंत पंचमी पर करें ये कार्य, मिलेगी उन्नति और सफलता

सरवस्ती पूजा पर ये सभी मंत्र या इनमें किसी भी एक मंत्र का जाप करें:
“सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने
विद्यारूपा विशालाक्षि विद्यां देहि नमोस्तुते॥”
या
“या देवी सर्वभूतेषू, मां सरस्वती रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

संत पंचमी पर करें ये कार्य, मिलेगी उन्नति और सफलता


बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की वंदना और विधि विधान से पूजा करने का बेहद महत्व है। देवी अरस्वती को बुद्धि, ज्ञान, गायन, संगीत, कलाऔर वाणी का पोषक माना जाता है। इसलिए ऐसी मान्यता है कि इस दिन इनकी पूजा करने से देवी की कृपा हमेशा मनुष्य पर रहती है और वो अपने गुणों के बल पर सफलता और उन्नति प्राप्त करता है। इस दिन कुछ ऐसे भी कार्य हैं जिन्हें करना आपको हमेशा सफलता दिलाती है। यहां जानिए क्या हैं वो।
इस दिन मां सरस्वती की पूजा के साथ सरस्वती चालीसा पढ़ना और कुछ मंत्रों का जाप आपकी बुद्धि प्रखर करती है। अपनी सुविधानुसार आप ये मंत्र 11, 21 या 108 बार जाप कर सकते हैं।
सरवस्ती पूजा पर ये सभी मंत्र या इनमें किसी भी एक मंत्र का जाप करें:
“सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने
विद्यारूपा विशालाक्षि विद्यां देहि नमोस्तुते॥”

या
“या देवी सर्वभूतेषू, मां सरस्वती रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
या
“ऐं ह्रीं श्रीं वाग्वादिनी सरस्वती देवी मम जिव्हायां।
सर्व विद्यां देही दापय-दापय स्वाहा।।”
एकादशाक्षर सरस्वती मंत्र
“ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।“
या
“वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।
मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणी विनायकौ।।”
या
“सरस्वत्यै नमो नित्यं भद्रकाल्यै नमो नम:।
वेद वेदान्त वेदांग विद्यास्थानेभ्य एव च।।
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।
विद्यारूपे विशालाक्षी विद्यां देहि नमोस्तुते।।”
या
“प्रथम भारती नाम, द्वितीय च सरस्वती
तृतीय शारदा देवी, चतुर्थ हंसवाहिनी
पंचमम् जगतीख्याता, षष्ठम् वागीश्वरी तथा
सप्तमम् कुमुदीप्रोक्ता, अष्ठमम् ब्रह्मचारिणी
नवम् बुद्धिमाता च दशमम् वरदायिनी
एकादशम् चंद्रकांतिदाशां भुवनेशवरी
द्वादशेतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेनर:
जिह्वाग्रे वसते नित्यमं
ब्रह्मरूपा सरस्वती सरस्वती महाभागे
विद्येकमललोचने विद्यारूपा विशालाक्षि
विद्या देहि नमोस्तुते”
स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए
“जेहि पर कृपा करहिं जन जानि।
कवि उर अजिर नचावहिं वानी॥
मोरि सुधारहिं सो सब भांति।
जासु कृपा नहिं कृपा अघाति॥”
या
“ गुरु गृह पढ़न गए रघुराई।
अलप काल विद्या सब पाई॥”
विशेष क्या करें
विद्या और ज्ञान वृद्धि के लिए इस दिन गरीब बच्चों को किताबें और कॉपियां, कलम जैसी पढ़ाई के लिए उपयोगी चीजें बांटना भी अच्छा माना जाता है।
क्या ना करें
गुरु और माता-पिता हमेशा ही पूजनीय होते हैं, लेकिन इस दिन विशेषकर इनका अपमान ना करें। किताबें-कॉपियां ना बेचें या किसी गरीब का मजाक ना उड़ाएं।