Monday, 5 February 2018

जिस फैसले का काफी समय से इंतजार था ताज महोत्सव इस बार भगवान राम के नाम पर आयोजित किया जा रहा है

ताज महोत्सव में अब तक गूंजती थी मुगलिया धुन लेकिन सब पलट दिया योगी सरकार ने. जानिए अब क्या सुनाई देगा वहां ?
ताज महोत्सव इस बार भगवान राम के नाम पर आयोजित किया जा रहा है


जिस फैसले का काफी समय से इंतजार था , जिसके लिए समाज टकटकी लगाये देख रहा था आख़िरकार उस पर ध्यान दिया है योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने . भारत को लूटने और बर्बाद करने वाले मुगलों की धुन से शुरू होने वाले ताज महोत्सव में कर दिया गया है आमूलचूल परिवर्तन और इस आयोजन को रंग दिया गया है भारत की संस्कृति में आगरा बनेगा अब इस एतिहासिक बदलाव का गवाह जो शायद इतिहास में पहली बार हो रहा है. विदित हो कि रामराज्य की तरफ उत्तर प्रदेश को ले जाने के लिए संकल्पित योगी आदित्यनाथ के राज में उत्तर प्रदेश की मुगलिया छवि बदल कर उसको वास्तविक रूप में लाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं .योगी राज में पहली बार हो रहे वार्षिक ताज महोत्सव की थीम बदल दी गई है. शायद इतिहस में ये पहला मौक़ा होगा जब ताज महोत्सव इस बार भगवान राम के नाम पर आयोजित किया जा रहा है. ये वही ताज नगरी आगरा है जहाँ कभी तेजोमहालय में घुसने से पहले पर्यटकों के भगवा निशानियाँ उतार दी गयी थी लेकिन आख़िरकार न्याय की जीत हु 

सिर्फ और सिर्फ कुछ वोटों के लिए तुष्टिकरण की राजनीति से लिपटे ढाई दशक से हर साल आयोजित होने वाले ताज महोत्सव में हमेशा मुगल काल की झलक दिखाई देती रही थी लेकिन इस बार यूपी में बीजेपी की सत्ता है और सूबे की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में है. ऐसे में मुगलिया अंदाज के बदले राम पर आधारित नृत्य नाटिका से ताज महोत्सव का आगाज होगा. हर साल की तरह इस बार भी ताज महोत्सव 18 फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा, जिसकी रंगत इस बार एकदम अलग होगी. महोत्सव की शुरुआत श्रीराम कला केंद्र की प्रस्तुति से होगी, जहां नृत्य नाटिका के जरिए जनता के सामने भगवान राम की लीलाओं का मंचन होगा.