Saturday, 12 May 2018

पत्थर मारनेवालों का कोई धर्म नहीं होता

पत्थरबाज हमेशा भारतीय सेना काे क्याे अपना लक्ष्य बना रहे है ?, 


पत्थरबाजाें का धर्म नही हाेता एेसा कहकर महबूबा मुफ्ती अपने आप काे ही धाेका दे रही है ! अगर पत्थरबाजाें का धर्म नही है ताे महबूबा मुफ्ती इन सवालाें का जवाब दे . . . पत्थरबाज हमेशा भारतीय सेना काे क्याे अपना लक्ष्य बना रहे है ?, पत्थरबाजाें काे फंडिंग पाकिस्थान से क्याे हाे रही हैं ? पत्थरबाज कश्मीर की आजादी क्याें मांग रहे है ? पत्थरबाज भारत विराेधी नारे देकर पाकिस्तान का जयजयकार क्याे करते हैं ? क्या इन सवालाें का जवाब महबूबा मुफ्ती के पास है ? – 
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पथराव में २२ वर्षीय एक युवक की मौत को ‘मानवता की हत्या ’ करार दिया और कहा कि इस घटना ने उनके अंदर की मां को झकझोर दिया है ! मंगलवार को चेन्नई निवासी एस तिरुमणि के पिता से भेंट के बाद विचलित नजर आ रहीं महबूबा ने कहा कि जो लोग किसी को मारने के लिए पत्थर उठाते हैं, उनका कोई धर्म नहीं होता। मुफ्ती ने घाटी के हालात पर चर्चा के लिए राजनीतिक दलों की सर्वदलीय बैठक का आवाहन किया है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, मुख्यमंत्री बुधवार को श्रीनगर में एक सर्वदलीय बैठक बुला रही हैं जिसमें सांप्रत हालात पर चर्चा की जाएगी। बैठक दोपहर दो बजे शेरे-कश्मीर कांफ्रेंस सेंटर में आयोजित की गई है। घाटी में सोमवार को चेन्नई वासी एक २२ वर्षीय पर्यटक एस थिरुमनी की पत्थरबाजी के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना से व्यथित मुफ्ती ने इसे ‘मानवता की हत्या’ करार दिया था। उन्होंने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर में ऐसा कभी नहीं सुना गया था। इस घटना से आहत मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर अब कई दिनों तक टेलीविजन पर चर्चा और बहस होगी और ‘हम मानवता की हत्या चुपचाप देखते रहेंगे। यह ऐसी घटना है जिसके बारे में जम्मू-कश्मीर में अब तक सुना नहीं गया है !’ दो बेटियों की मां और राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री ने कहा, जिस प्रकार की शिक्षा हमारी अगली पीढ़ी को दी जा रही है, उससे मेरे अंदर की मां विचलित हो गई है। उन्होंने कहा, हम अपने बच्चों को कौन-सी शिक्षा दे रहे हैं कि पत्थर उठाएं और सडक पर जा रहे किसी व्यक्ति को मार दें ? यह वह नहीं है जिसकी हमारा इस्लाम हमें शिक्षा देता है। हमारा धर्म हमें अपने मेहमानों की देखभाल की शिक्षा देता है। ये लोग या लडके, जो किसी को मारने के लिए पत्थर उठाते हैं, उनका कोई धर्म नहीं है। उन्होंने अभिभावकों से सवाल किया कि वे अपने बच्चों को कहां धकेल रहे हैं ?

तिरुमणि और उसका परिवार सोमवार को गुलमर्ग से लौट रहा था । बडगाम में मगाम के समीप उनकी गाडी पथराव में फंस गई। एक पत्थर तिरुमणि की कनपटी में आ लगा। उसे सौरा आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा, क्या कोई कल्पना कर सकता है कि एक गरीब बाप ने अपने परिवार को कश्मीर लाने के लिए अपनी पूरी बचत खर्च की थी और वह अब अपने बेटे के ताबूत के साथ लौट रहा है। क्या हम यही चाहते हैं ? जब उनसे पूछा गया कि क्या इस घटना का पर्यटन पर असर होगा तो उन्होंने कहा, मैं पर्यटन की बात नहीं कर सकती यह मानवता के बारे में मूल सवाल है। यह कश्मीरियत नहीं हो सकती ! उधर जम्मू-कश्मीर मे पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पथराव में पर्यटक की मौत की घटना को दुखद बताया है। उमर ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला करते हुए पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को विफल बताया। उमर ने ट्वीट में कहा, हमने वाहन पर पत्थर फेंक कर उसमें सवार पर्यटक की हत्या कर दी। हम प्रयास करें और इस तथ्य पर सिर जोडें कि हमने एक पर्यटक पर, एक मेहमान पर पथराव कर उसकी हत्या कर दी जबकि हम पत्थरबाजों और उनके तरीकों का महिमामंडन करते हैं !
स बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने महबूबा मुफ्ती से फोन पर बातचीत कर वहां से सूबे के १३० पर्यटकों की सुरक्षित घर वापसी में उनकी मदद मांगी है। मुख्यमंत्री की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उन्होंने जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बातचीत कर राज्य के १३० पर्यटकों की सुरक्षित घर वापसी में मदद मांगी है। पर्यटक थिरूमणि सेल्वम के निधन पर शोक प्रकट करते हुए पलानीस्वामी ने पीडित के निकटतम परिजन को तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की !

कश्मीर में पर्यटक की मौत निंदनीय : सीतारमण

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि चेन्नई के रहनेवाले २२ वर्षीय एस थिरुमणि की पथराव के दौरान मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है ! नौसेना कमांडरों के सम्मेलन के उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि यह घटना लापरवाही से हुई या जान-बूझकर इसे अंजाम दिया गया, लेकिन यह पूरी तरह निंदनीय है। यह पूछने पर कि घाटी में व्याप्त स्थिति से निपटने में सेना के कठिन रवैये से क्या आतंकवाद में वृद्धि हुई है ? मंत्री ने कहा सशस्त्र बलों को आतंकवादियों के साथ सख्ती बनाए रखनी होगी !