Tuesday, 10 May 2016

टीपू सुल्तान ने 700 ब्राह्मणों को दी थी फांसी: पांचजन्य


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नई दिल्ली

कर्नाटक में टीपू सुल्तान की जयंती मनाने को लेकर छिड़े विवाद में आरएसएस ने एक बार फिर राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। संघ समर्थित पत्रिका पांचजन्य में टीपू सुल्तान को दक्षिण भारत का औरंगजेब करार दिया गया है। इसके अलावा सीएम सिद्धारमैया पर भी निशाना साधते हुए उन्हें कर्नाटक का लालू यादव बताया है।

लेख में टीपू पर ब्राह्मणों को फांसी देने का भी आरोप लगाया गया है। लेख के मुताबिक टीपू ने 700 मेलकोट आयंगार ब्राह्मणों को फांसी पर चढ़ाया था। क्या कर्नाटक सरकार इस हत्याकांड की सालगिरह मना रही थी? केवल हिन्दू ही नहीं, ईसाई भी टीपू जयंती का विरोध कर रहे हैं। 

लेखक सतीश पेडणेकर ने लिखा, 'ईसाई नेता अल्बान मेनेजेस ने कहा कि टीपू ने 1784 में मंगलौर के मिलेग्रेस चर्च को तहस-नहस कर दिया था। टीपू ने अंग्रेजों के लिए जासूसी के शक में 60 हजार कैथोलिकों को बंदी भी बना लिया था और उन्हें मैसूर तक पैदल चलने के लिए मजबूर किया था, जिस वजह से 4 हजार कैथोलिकों की मौत हो गई थी।' 

इस लेख में कहा गया, 'वह दक्षिण का औरंगजेब था। उसने हिंदू और ईसाइयों आदि गैर-मुस्लिमों पर बेहद जुल्म ढाए, लाखों लोगों का जबरन कन्वर्जन किया, हजारों मंदिर तोडे़, उसने चर्चों को भी नहीं बख्शा। आरोप तो यहां तक लग रहे हैं कि जिस टीपू को देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी कहा जा रहा है वह असल में देशद्रोही था, जिसने कई विदेशियों को भारत पर हमला करने के लिए न्योता।' 


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