Friday, 25 August 2017

पुलिस की राम रहीम सर्मथकों को चेतावनी, चड़ीगढ़ में घुसने की कोशिश की तो होगी कार्रवाई

पुलिस की राम रहीम सर्मथकों को चेतावनी, चड़ीगढ़ में घुसने की कोशिश की तो होगी कार्रवाई

चंडीगढ़ : चंडीगढ़ पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में घुसने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत डेरा के करीब 1.5 लाख अनुयायी पंचकूला में इक्ट्ठा हुए हैं, जहां सीबीआई की अदालत डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ बलात्कार के मामले में आज अपना फैसला सुनाएगी. सुरक्षा बल डेरा अनुयायियों से पंचकूला से जाने की अपील भी कर रहे हैं. पुलिस ने दोहराया है कि वह हाई अलर्ट पर है. 
 
चंडीगढ़ में निषेधाज्ञा लागू 
पुलिस ने गुरूवार रात एक बयान में कहा, ‘‘किसी भी डेरा अनुयायी को चंडीगढ़ में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.’’ अधिकारियों ने कहा, ‘‘यदि वे (डेरा अनुयायी) चंडीगढ़ में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’’ उन्होंने बताया कि शहर में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है. बड़ी संख्या में डेरा अनुयायी पंचकूला में इक्ट्ठा हो गए हैं जिसके मद्देनजर चंडीगढ़ को पहले ही संवेदनशील घोषित कर दिया गया है.
राम रहीम की अपील के बावजूद अनुयायियों ने किया जाने से इनकार
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने भी ने अपने अनुयायियों से पंचकूला से जाने की अपील की है. इसके बावजूद कई अनुयायियों ने जाने से इनकार कर दिया और वे यहां पार्कों एवं सड़कों के किनारे बैठे रहे. हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में मोबाइल इंटरनेट एवं डेटा सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं. डेरा के अनुयायियों ने शिकायत की है कि वह उस वीडियो को नहीं देख पाए जिसमें डेरा प्रमुख ने उनसे अपने घर लौटने की अपील की है. कई अनुयायियों ने यहां से जाने से इनकार कर दिया, ऐसे में सुरक्षा बलों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. अनुयायियों को कहना है कि वह अपनी मर्जी से शहर आए हैं और डेरा प्रमुख के ‘‘दर्शन’’ करने के बाद ही यहां से जाएंगे. 
2002 में राम रहीम के खिलाफ उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था
डेरा प्रमुख के खिलाफ सीबीआई ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देश पर 2002 में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था. राम रहीम सिंह द्वारा कथित तौर पर दो साध्वियों के यौन उत्पीड़न को लेकर अनाम चिट्ठियों के सामने आने के बाद अदालत ने यह निर्देश दिया था. डेरा प्रमुख ने इन आरोपों का खंडन किया है.