Thursday, 29 November 2018

2019 में संगम नगरी इलाहाबाद में लगने वाले कुंभ मेले के शाही स्‍नान की तारीख का ऐलान हो चुका है।

यह शाही स्नान 14 जनवरी से शुरू होगा।

मुहूर्त और व्रत विधि

संगम नगरी इलाहाबाद में लगने वाले कुंभ मेले के शाही स्‍नान की तारीख का ऐलान हो चुका है। यदि आप भी अगले साल कुंभ मेले में स्‍नान करने की सोंच रहे हैं तो यहां जानें शाही स्नान की तारीख...
2019 कुंंभ मेले की शाही स्नान की तारीख-
14-15 जनवरी 2019: मकर संक्रांति (पहला शाही स्नान)
21 जनवरी 2019: पौष पूर्णिमा
31 जनवरी 2019: पौष एकादशी स्नान
04 फरवरी 2019: मौनी अमावस्या (मुख्य शाही स्नान, दूसरा शाही स्नान)
10 फरवरी 2019: बसंत पंचमी (तीसरा शाही स्नान)
16 फरवरी 2019: माघी एकादशी
1 9 फरवरी 2019: माघी पूर्णिमा
04 मार्च 2019: महा शिवरात्री

Tuesday, 27 November 2018

अब कश्मीरी पंडितों ने उठाई मांग

करीब 15 सौ साल पुरानी उस शारदा पीठ की PoK में है.70 साल बीत चुके हैं वहां किसी हिंदू को जाने की इजाज़त नहीं मिली है.

कश्मीरी पंडित अपनी कुलदेवी तक पहुंचने के लिए लड़ रहे हैं लड़ाई*
आस्था के केंद्र इस मंदिर तक पहुंचना और एक बार फिर से यहां पूजा करना कश्मीरी पंडितों की जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद बन चुका है.अपनी कुलदेवी तक पहुंचने के लिए वो एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं.1947 यानी वो साल जब तक पाकिस्तान का कश्मीर के उस हिस्से पर (PoK) कब्जा नहीं था तब तक हर कश्मीरी पंडित कुलदेवी शारदा के दर्शन के लिए जाते थे. शारदा पीठ में जयकारे गूंजते थे लेकिन पाकिस्तान ने जैसे ही कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा किया उस मंदिर का संपर्क हिंदुओं से खत्म हो गया.हालात ये है कि अब शारदा पीठ सिर्फ नाम के लिए मंदिर है क्योंकि वो खंडहर में तब्दील हो चुका है.
क्या है शारदा पीठ का महत्व*
करीब 15 सौ साल पुरानी उस शारदा पीठ की PoK में है.70 साल बीत चुके हैं वहां किसी हिंदू को जाने की इजाज़त नहीं मिली है. अब तो वो इलाका आतंकियों के कब्जे में है.शारदा शक्तिपीठ प्राचीन काल से ही पूरे विश्व में हिंदुओं और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए शिक्षा का एक बड़ा केंद्र रहा है.यह पीठ नीलम और मधुमति नदी के संगम पर पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद से 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.आजादी के पहले अगस्त में यहां वार्षिक यात्रा आयोजित होती थी.दोनों देशों के बीच 2004 में हुए एक समझौते के तहत नियंत्रण रेखा के दोनों ओर की आबादी को आने-जाने में रियायत दी गई ताकि वह अपने रिश्तेदारों से भी मिल सके और माता के दर्शन भी कर सकें.इस दौरान सेव शारदा संगठन ने इस समझौते में शारदा पीठ की यात्रा को भी शामिल करने का प्रस्ताव रखा था. तभी से ये मांग उठती आ रही है.



Sunday, 4 November 2018

कांग्रेस अध्यक्ष दावा कर रहे “जीसस राज्य” लाने का.. रामराज्य को सांप्रदायिक बताने वाले बुद्धिजीवी खामोश

 कांग्रेस अध्यक्ष दावा कर रहे “जीसस राज्य” लाने का.. रामराज्य को सांप्रदायिक बताने वाले बुद्धिजीवी खामोश
तेलंगाना कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन एन. उत्तम कुमार रेड्डी 
ने ने गिरिजाघरों के पादरियों से वादा किया की उनको दो बैडरूम वाला घर दिया जायेगा, उनके बच्चों को मुफ्त शिक्षा, पांच लाख का हेल्थ और एक्सीडेंट बीमा और राज्य के सभी गिरिजाघरों को मुफ्त बिजली दी जाएगी. उनका कहना था कि इस समुदाय के विद्यार्थियों को स्व रोजगार के लिए क़र्ज़ के साथ 30,000 रुपये महीने का बेरोजगाज़री भत्ता, हॉस्टल और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा अलग से दी जाएगी. नए गिरिजाघरों को बनाने के लिए भी उन्होंने ज़मीन देने का वादा किया साथ की उन पूजास्थलों की C.B.I. जांच की भी मांग की जहाँ पर जमीन विवाद चल रहा हैं. उन्होंने ईसाइयों की सामाजिक-आर्थिक दशा की जानकारी के लिए एक न्याययिक कमीशन बनाने का भी वादा किया. उन्होंने क्रिस्चियन फेडरेशन को कई सौ करोड़ का फण्ड देने का भी वादा किया.
जब कभी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या फिर कोई भी भाजपा नेता रामराज्य की बात करता है तो देश का तथाकथित सेक्यूलरिज्म खतरे में आ जाता है तथा तमाम बुद्धिजीवी रामराज्य की परिकल्पना को सांप्रदायिक बताने लगते हैं. भारतीय जनता पार्टी के तेलंगाना के गोशामहल से विधायक तथा फायरब्रांड हिन्दू राष्ट्रवादी नेता टाइगर राजा सिंह ने अपने ट्विटर पर एक लिंक साझा किया है जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ख़ास तथा तेलंगाना कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने दावा किया है कि अगर तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है तो वह तेलंगाना में जीसस राज्य लायेगी.